100 शतक ठोकने के बावजूद सचिन को हलके में लेते थे कपिल देव, ये थी सबसे बड़ी वजह

sachin kapil

इंडिया के पूर्व वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव और महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बीच रिश्ते मे कुछ खटास हमेशा से रही है . भारत की तरफ से इंटरनेशनल क्रिकेट में हजारो रन और सेंचुरी की लाइन लगा देने वाले सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट खेल पर ही कपिल देव ने उंगुली उठाए है .

सचिन में यह थी सबसे बड़ी कमी

पूर्व आल राउंडर कपिल देव ने एक ऑनलाइन लाइव चैट प्रोग्राम में बताया था कि सचिन तेंदुलकर को पता ही नहीं था कि कैसे अपने शतक को आगे तक 200 और 300 में तब्दील करना है है. कपिल सर ने यूट्यूब पर प्रसारित ‘इनसाइड आउट’ शो में ही इंडियन वुमेन्स क्रिकेट टीम के पूर्व कोच डब्ल्यू वी रमन के साथ ऑनलाइन बातचीत में बताया था कि सचिन तेंदुलकर के बेटिंग जैसी प्रतिभा मैंने किसी मे नहीं देखा, लेकिन वह अन्य बल्लेबाज की तरह निर्दयी बल्लेबाज बिलकुल नहीं थे.

सचिन को नहीं पता था यह काम

कपिल देव ने आगे बताया कि , ‘सचिन शतक बनाना तो बखूबी जानते थे, लेकिन उस शतक के आगे बढ़ कर किस तरीके से दोहरे शतक और तिहरे शतक में बदलना उनको नहीं पता था .’ कपिल देव ने कहा कि सचिन तेंदुलकर जैसे महान बल्लेबाज को अपने पूरे करियर में कम से कम तीन या चार तिहरे शतक अपने नाम करने चाहिए थे . कपिल देव ने जोड़ते हुए आगे कहा, ‘सचिन को 10 दोहरे शतक कम से कम लगाने चाहिए थे, क्योंकि दुनिया मे सचिन तेंदुलकर जैसा बल्लेबाज ही तेंज गेंदबाजों और स्पिनरों को समान रूप से हर ओवर में बाउंड्री के बाहर मारने की क्षमता रखता है.’

बाकी बल्लेबाज की निर्दयी बल्लेबाज नहीं थे सचिन

कपिल ने कहा, ‘सचिन हमेशा शतक बनाने के बाद सिंगल या डबल लेना आरंभ कर देते थे. जबकि बाकी बल्लेबाज शतक के बाद और भी ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी करने लगते है .’ आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर और कपिल देव के बीच पहले भी विवाद की खबर आया था. जब साल 2000 में सचिन तेंदुलकर टीम कप्तान थे उसी समय टीम इंडिया के कोच कपिल देव से उनका विवाद सामने आया था. टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर का एक भी तिहरा शतक नहीं है. सचिन तेंदुलकर का टेस्ट उच्चतम स्कोर 248 रन का है. सचिन के नाम छह दोहरे शतक टेस्ट क्रिकेट में हैं.

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